महेंद्रगढ़: नारनौल: सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की 'मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतर्जातीय विवाह शगुन योजना' के तहत पात्र जोड़ों को ₹2.50 लाख की वित्तीय सहायता दी जा रही है। जमीनी स्तर पर इस योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में है।
लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने लंबित मामलों और राहत राशि वितरण की विस्तृत समीक्षा की।
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दो चरणों में मिलती है आर्थिक मदद
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, यदि गैर-अनुसूचित जाति का युवक या युवती किसी अनुसूचित जाति के साथी से विवाह करता है, तो सरकार उस नवदंपति को ₹2.50 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। परिवार की आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए इस राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- सीधा बैंक ट्रांसफर (Direct Bank Transfer): स्वीकृत राशि में से ₹1.25 लाख दंपति के संयुक्त बैंक खाते में सीधे भेजे जाते हैं।
- सावधि जमा (Fixed Deposit): शेष ₹1.25 लाख की रकम को 3 साल की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित रखा जाता है।
पीड़ितों को त्वरित राहत और पुनर्वास के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि उत्पीड़न या चल-अचल संपत्ति के नुकसान के मामलों में पीड़ितों को बिना किसी प्रशासनिक देरी के निर्धारित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और संबल मिल सके।








