दिल्ली: New Delhi: देश के नागरिकों में नागरिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों के प्रति चेतना जगाने के मकसद से आयोजित 'मानवाधिकार क्विज-2026: जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा का उत्सव' के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission - NHRC) ने अपने 33वें स्थापना दिवस (Foundation Day) के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार के मंच मायगॉव (MyGov) के साथ मिलकर इस अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन किया था। बेहद कड़े मुकाबले के बाद सुश्री आरती महाजन ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर 15,000 रुपये का नकद पुरस्कार अपने नाम किया है।
इस राष्ट्रव्यापी बौद्धिक स्पर्धा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (Protection of Human Rights Act) और आयोग के कानूनी अधिकारों व शक्तियों (Powers and Duties) से रूबरू कराना था। 1 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चले इस अभियान को देशभर के युवाओं का जबर्दस्त समर्थन मिला।
आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्विज को 1.67 लाख से अधिक लोगों ने देखा, जबकि 26,459 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में सबसे अधिक संख्या 18 से 24 वर्ष के युवाओं की रही, जिसमें राज्यवार भागीदारी के मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सबसे आगे रहे।
प्रतियोगिता का स्तर इस बात से समझा जा सकता है कि 300 सेकंड यानी महज़ 5 मिनट के भीतर 15 सवालों के सही जवाब देने की कड़ी चुनौती में 5,753 प्रतिभागियों ने 100 फीसदी अंक (15 में से 15) प्राप्त किए।
इतने बड़े पैमाने पर समान अंक आने के बाद मायगॉव की विशेषज्ञ टीम ने तय नियमों के तहत लॉटरी प्रणाली (Lottery System) के जरिए शीर्ष 10 विजेताओं का चयन किया।
घोषित नतीजों में सुश्री रितिका ने दूसरा स्थान हासिल कर 10,000 रुपये और सुश्री तूबा बेनज़ीर ने तीसरा स्थान प्राप्त कर 5,000 रुपये का पुरस्कार जीता। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले 7 प्रतिभागियों को 2,000-2,000 रुपये के सांत्वना पुरस्कार (Consolation Prizes) दिए गए जिनमें आदित्य गुप्ता, तरुण, रानी मंडल, बसंत कुमार महतो, लिख्त कुमार ए और दीपिका मदासु शामिल हैं।
आयोग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी में अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति भी सजगता बढ़ती है।








