गुरुग्राम में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर में जहरीले धुएं और प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के मकसद से सोमवार को परिवहन विभाग की टीमों ने बड़े पैमाने पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई से बिना जरूरी दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ रहे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
चेकिंग के दौरान 25 वाहन नपे
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) के.के. गोयल और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के सचिव संजीव सिंगला के संयुक्त दिशा-निर्देशों में शुरू किए गए इस अभियान के तहत टीमों ने शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर नाकेबंदी की। जांच के दौरान जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं मिला उनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए 25 वाहनों के चालान काटे गए।
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राजीव चौक और सिग्नेचर टावर के पंपों पर टीमों का छापा
सड़क पर निगरानी के साथ-साथ प्रशासनिक टीमों ने ईंधन केंद्रों पर भी शिकंजा कसा। निरीक्षण के दौरान एयरफोर्स स्टेशन के सामने राजीव चौक स्थित भारत पेट्रोलियम, सेक्टर-31 भारत पेट्रोलियम, सिग्नेचर टावर के पास स्थित इंडियन ऑयल और सेक्टर-32 के एचपी पेट्रोल पंप पर दस्तावेजों व व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई।
बिना वैध प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
जांच अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे प्रशासन के निर्देशों की कतई अनदेखी न करें। जिन वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें किसी भी सूरत में पेट्रोल या डीजल न दिया जाए। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि प्रदूषण नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वाले पंप संचालकों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








