फरीदाबाद। दिवाली के त्योहारी सीजन को यादगार बनाने और भारतीय लोक परंपराओं को एक मंच पर लाने के लिए हरियाणा पर्यटन विभाग पूरी तरह तैयार है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद के ऐतिहासिक सूरजकुंड मेला परिसर में आगामी 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक तीसरे 'सूरजकुंड दिवाली मेले' का आयोजन किया जा रहा है। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की निगरानी में प्रशासन इस चार दिवसीय आयोजन को भव्य रूप देने के लिए दिन-रात जुटा हुआ है।
सूरजकुंड परिसर को उत्सव के रंग में ढालने के लिए विशेष लाइटिंग और पारंपरिक सजावट की जा रही है। पेड़ों पर लटकती रंग-बिरंगी झालरें, पारंपरिक छतदार हट्स और आकर्षक सजावटी वस्तुएं पर्यटकों को एक जादुई उत्सवपूर्ण माहौल का अहसास कराएंगी। कारीगर अपनी पारंपरिक कला और कौशल से पूरे परिसर की रूपरेखा को जीवंत बना रहे हैं, ताकि मेले में आने वाले हर दर्शक को भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत की झलक मिल सके।
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इस मेले का मुख्य आकर्षण देश के विभिन्न कोनों से आए शिल्पकारों के पारंपरिक उत्पाद, अद्वितीय हस्तशिल्प और हैंडलूम सामग्री होगी। यह मेला न केवल आम लोगों के लिए दिवाली की खरीदारी का बेहतरीन विकल्प बनेगा, बल्कि कारीगरों और दस्तकारों को अपने उत्पाद सीधे खरीदारों तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत बाजार भी मुहैया कराएगा।
पर्यटकों के मनोरंजन के लिए रोजाना शाम को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभिन्न राज्यों के लोक नर्तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही, अलग-अलग प्रांतों के स्वादिष्ट व्यंजनों से सजे फूड कोर्ट खान-पान के शौकीनों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रशासन का मुख्य ध्यान सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं पर है, ताकि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सपरिवार इस उत्सव का सुरक्षित व सहज आनंद ले सकें।








