कच्छ/अहमदाबाद। गुजरात के कच्छ से देशभर में नमक की सप्लाई को सुरक्षित और सस्ता बनाने के लिए रेलवे ने एक नया प्रयोग शुरू किया है। 15 सितंबर को कच्छ के शिवलखा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल से मीठापुर के लिए देश की पहली 'सॉल्ट कंटेनर ट्रेन' रवाना की गई। इस पूरी ट्रेन में पारंपरिक लोहे के डिब्बों की जगह हल्के स्टेनलेस स्टील से बने खास कंटेनर लगाए गए हैं, ताकि न तो जंग का झंझट रहे और न ही नमी से नमक की क्वालिटी खराब हो।
एक फेरे में ज्यादा माल, सीधे 11 फीसदी तक बचत का गणित
रेलवे के इस नए फॉर्मूले से माल ढुलाई की क्षमता में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। शिवलखा कार्गो टर्मिनल के हेड मोहम्मद अरशद के अनुसार, अब तक एक सामान्य कंटेनर में 28 से 30 टन नमक ही भरा जा पाता था। नए स्टील कंटेनरों के हल्के वजन की वजह से अब हर डिब्बे में लगभग 33.5 टन नमक आसानी से लोड हो रहा है।
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सीधे शब्दों में कहें तो डिब्बों की लोडिंग कैपेसिटी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उसी भाड़े और लागत में अब 30 टन की जगह 33 टन से ज्यादा माल भेजा जा सकेगा, जिससे कारोबारियों को ढुलाई खर्च में करीब 11 फीसदी तक की बचत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कुल बचत इस बात पर भी तय होगी कि माल कितनी दूरी तक जा रहा है।
ऊपर से भराई और साइड से खाली, अनलोडिंग का झंझट खत्म
अहमदाबाद के डीआरएम वेद प्रकाश ने इस नए सिस्टम की डिजाइन पर बताया कि ये कंटेनर खासतौर पर नमक की लोडिंग और अनलोडिंग को तेज करने के लिए तैयार किए गए हैं। कंटेनर की छत पर दो बड़े ढक्कन दिए गए हैं, जहां से सीधे ऊपर से नमक भरा जाता है। इसके बाद क्रेन या ट्रेलर की मदद से इसे रैक पर सेट कर दिया जाता है।
माल खाली करने के लिए कंटेनर के साइड में दरवाजे दिए गए हैं, जिससे गंतव्य पर पहुंचते ही बिना किसी अतिरिक्त लेबर या समय गंवाए नमक को एक झटके में खाली किया जा सकता है।
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न पानी का डर, न नमी का खतरा: सुरक्षित पहुंचेगा नमक
कच्छ देश का सबसे बड़ा नमक उत्पादक केंद्र है, लेकिन अब तक खुले वैगनों (ओपन रैक) में नमक भेजने पर सबसे बड़ा जोखिम बारिश और हवा की नमी का रहता था। नमी सोखने से कई बार रास्ते में ही नमक की गुणवत्ता गिर जाती थी या वह गलने लगता था।
गांधीधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष तेजाभाई कांगड़ का मानना है कि स्पेशल कोटिंग वाले एसएसपी वैगन और कवर्ड स्टेनलेस स्टील कंटेनर नमक उद्योग के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम हैं। इससे औद्योगिक और खाने वाले दोनों तरह के नमक की शुद्धता गंतव्य तक वैसी ही बनी रहेगी, जैसी फैक्ट्री से निकली थी।


