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दिवाली की शॉपिंग का नया ठिकाना: सूरजकुंड ग्राउंड में लगा मिनी भारत, बिना टिकट घूमिए और चखिए लजीज व्यंजन

सूरजकुंड में चार दिवसीय दिवाली मेला शुरू हो चुका है, जहां बिना किसी एंट्री टिकट के 300 स्टॉल्स से हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर और कपड़ों की खरीदारी की जा सकती है। 26 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में राज्यों के लजीज व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण हैं।

दिवाली की शॉपिंग का नया ठिकाना: सूरजकुंड ग्राउंड में लगा मिनी भारत, बिना टिकट घूमिए और चखिए लजीज व्यंजन
दिवाली की शॉपिंग का नया ठिकाना: सूरजकुंड ग्राउंड में लगा मिनी भारत, बिना टिकट घूमिए और चखिए लजीज व्यंजन फोटो: सोशल मीडिया
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फरीदाबाद / रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में अगर आप दिवाली की खास शॉपिंग, घर की सजावट और लजीज पकवानों का लुत्फ एक ही छत के नीचे उठाना चाहते हैं, तो फरीदाबाद का सूरजकुंड ग्राउंड सजकर तैयार है। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से आयोजित चार दिवसीय 'सूरजकुंड दिवाली मेला' शुरू हो चुका है, जो 26 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार मेले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री रखी गई है, यानी बिना किसी टिकट के पूरा परिवार मेले का आनंद ले सकता है।

300 स्टॉल्स पर सजी मिनी भारत की झलक

रेवाड़ी के उपायुक्त (डीसी) अभिषेक मीणा के अनुसार, मेले में देश के अलग-अलग कोनों से आए हुनरमंदों के लिए करीब 300 स्टॉल लगाए गए हैं। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट), डिजाइनर होम डेकोर, हैंडलूम, पारंपरिक परिधान और महिलाओं के लिए खास आभूषण उपलब्ध हैं। मिट्टी के पारंपरिक दीयों से लेकर डिजाइनर मोमबत्तियों, सजावटी सामानों और इनडोर प्लांट्स तक, दिवाली की जरूरत का हर सामान यहां एक ही जगह मिल रहा है।

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रोशनी से नहाया परिसर, दीवारों पर उकेरी गईं दीयों की कलाकृतियां

मेला परिसर में कदम रखते ही पूरी तरह दीपोत्सव का अहसास हो, इसके लिए विशेष सजावट की गई है। पूरे ग्राउंड को रंग-बिरंगी आधुनिक लाइटों और दीपकों से सजाया गया है। परिसर की दीवारों पर दीयों की बेहद खूबसूरत कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो शाम ढलते ही रोशनी के बीच सेल्फी और फैमिली फोटो के लिए खास आकर्षण बन रही हैं।

लजीज व्यंजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का तड़का

खरीदारी के साथ-साथ आने वाले लोगों के मनोरंजन और खान-पान का भी पूरा ख्याल रखा गया है। फूड जोन में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और जायकेदार व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा, रोजाना शाम को लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, ताकि लोग खरीदारी के साथ-साथ देश की बहुरंगी परंपराओं और संगीत का भी आनंद ले सकें।

Input By पवन सोंठवालफरीदाबाद

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