हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन के लिए धान की सरकारी खरीद तय समय से पहले ही शुरू कर दी है। आम तौर पर खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होती है, लेकिन इस बार किसानों की सहूलियत को देखते हुए इसे 29 सितंबर से ही लागू कर दिया गया है। राज्यभर में धान की यह खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी।

किस भाव पर खरीदा जा रहा है धान? (MSP दरें)

केंद्र सरकार द्वारा इस सीजन के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पहले ही तय कर दिया गया है:

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  • सामान्य धान (Common Paddy): ₹2,441 प्रति क्विंटल
  • ग्रेड-ए धान (Grade-A Paddy): ₹2,461 प्रति क्विंटल

सरकार का लक्ष्य इस बार हरियाणा से करीब 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का है।

249 मंडियों में हो रही खरीद, तकनीक का लिया जा रहा सहारा

राज्य भर में किसानों की फसल खरीदने के लिए कुल 249 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी मंडियों को जियो-फेंसिंग (Geo-fencing) तकनीक से लैस किया गया है। धान की खरीद का जिम्मा मुख्य रूप से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड (HAFED) और हरियाणा राज्य भंडारण निगम को सौंपा गया है।

मंडियों में आवक और उठान की स्थिति

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के पहले सप्ताह तक प्रदेश की विभिन्न मंडियों में 7.35 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंच चुका है। इसमें से खरीद एजेंसियों ने 2.57 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली है और लगभग 27,497 मीट्रिक टन धान का उठान भी हो चुका है। इसके अलावा कस्टम मिल्ड राइस (CMR) कार्य के लिए 1200 से अधिक राइस मिलर्स का पंजीकरण भी हो चुका है।

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मंडियों में किसानों के लिए क्या हैं सुविधाएं?

किसानों को फसल बेचते समय लंबी कतारों या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े, इसके लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। हर मंडी में:

  • साफ पीने का पानी और शौचालय की सुविधा
  • जल निकासी की समुचित व्यवस्था
  • किसानों की मदद के लिए 'हेल्प डेस्क' की व्यवस्था की गई है।

नमी पर प्रशासन की नजर

फसल में तय सीमा से अधिक नमी होने पर किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने धान की कटाई (हार्वेस्टिंग) के समय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान के एक-एक दाने की खरीद तय समर्थन मूल्य पर बिना किसी बिचौलिए या परेशानी के हो सके।

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