Haryana News: सिंगापुर के निवेशकों ने हरियाणा में लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, रियल एस्टेट, तकनीक, विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम’ में बिजनेस लीडर्स के साथ राज्य में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। बैठक में गुरुग्राम-मानेसर के अलावा हिसार और पानीपत से जुड़े संभावित प्रोजेक्ट भी चर्चा में रहे।
मुख्यमंत्री सैनी ने निवेशकों को हरियाणा के औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को देखने के लिए राज्य का दौरा करने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हरियाणा को भारत की नवाचार राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
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28 हजार करोड़ से अधिक के पुराने समझौते
बैठक के दौरान हरियाणा और सिंगापुर के बीच पहले हुए सहयोग का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 में लॉजिस्टिक्स, टाउनशिप, एविएशन, स्मार्ट सिटी, वेलनेस, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ पांच बड़े एमओयू किए गए थे।
इन समझौतों का कुल प्रस्तावित मूल्य 3.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर यानी करीब 28,584 करोड़ रुपये से अधिक था। इसी सहयोग के तहत असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। अब सरकार पुराने सहयोग को आगे बढ़ाते हुए नए निवेश और परियोजनाओं पर जोर दे रही है।
डेटा सेंटर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
निवेश के संभावित क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रमुखता दी गई। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी को सिंगापुर की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विशेषज्ञता के लिए उपयोगी माना गया।
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गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट और आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा टेक्नोलॉजी, डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल सेवाओं से जुड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के अवसरों पर बात हुई।
हरियाणा के मजबूत ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग आधार को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और भविष्य की तकनीकों से जुड़े एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश की संभावनाएं भी रखी गईं।
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शिक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी
हरियाणा ने सिंगापुर स्थित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ साझेदारी की है। इसके तहत राज्य में K-12 शिक्षा से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। इस परियोजना से करीब 2,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
हिसार, पानीपत और गुरुग्राम के प्रोजेक्ट भी चर्चा में
बैठक में हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। हिसार के आसपास रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, डेटा सेंटर स्थापित करने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे सामने आए।
पानीपत में हाउसिंग सेक्टर के विकास की संभावनाओं पर विचार किया गया। वहीं गुरुग्राम में किफायती रिहायशी क्षेत्र विकसित करने और ‘हाउसिंग फॉर रेंटल’ नीति से जुड़े अवसरों पर भी निवेशकों के साथ चर्चा हुई।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सैनी ने बिजनेस लीडर्स से हरियाणा का दौरा कर राज्य में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को देखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत-सिंगापुर संबंधों को सरकार-से-सरकार सहयोग से आगे बढ़ाकर बिजनेस-टू-बिजनेस साझेदारी और निवेश के मजबूत इकोसिस्टम में बदलने की दिशा में काम करने की जरूरत है।







